TULSI संजीवनी से कम नही है

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Tulsi

TULSI अनेक बीमारियों को ठीक करने में सहायक है तुलसी के पत्ते, बीज एवं तुलसी की सूखी हुई जड़ भी औषधि है।

तुलसी पूजनीय तो है ही, तुलसी का वैज्ञानिक महत्व भी है, या यूँ कहें संजीवनी से कम नही है तुलसी।

भारत के लगभग हर घर मे पाई जाती है तुलसी लेकिन फिर भी हम बीमार होते हैं क्योंकि ये हमारी कमी है।

तुलसी में जल चढ़ाओ पूजा करो…. किन्तु उसका औषधि के रूप मे भी सही उपयोग करो।

Tulsi
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TULSI के लाभ

तुलसी 24 घंटे ऑक्सीजन उत्पादन करती है। ऑक्सीजन का बैंक है तुलसी।

तुलसी का पौधा गमले में लगाकर कमरे में रखकर सोने से नींद अच्छी एवं गहरी होती है।

सुबह उठकर थकान नही होती है।

तुलसी का पौधा कमरे में रखकर सोने से बुरे स्वप्न नही आते हैं।

क्योंकि इसकी ऊर्जा बहुत पवित्र होती है।

TULSI आपने घर के भोजन कक्ष के पास एवं शयनकक्ष में लगाने से स्वाँस जैसे रोग भी आपको कभी नहीं लगेंगे।

तुलसी सुबह खाने से पेट में गैस, चर्म रोग, खाज खुजली, उल्टी, मुँह की दुर्गंध, कील मुहासे एवं कैंसर जैसी बीमारी भी दूर रहती हैं।

तुलसी का लेप मुँह पर लगाने से त्वचा मुलायम एवं सुंदर होती है।

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तुलसी के पत्ते टमाटर के साथ मुँह पर लगाने से कील मुहासों की शिकायत नहीं रहती है।

तुलसी के पत्तों के साथ नीम की पत्तियां पीस कर लगाने से झांइयां दूर हो जाती हैं।

एवं त्वचा में निखार भी आता है।

तुलसी TEA में डाल कर पीने से नजला, जुखाम एवं खांसी ठीक हो जाती हैं।

TULSI का रस, शहद अथवा गुड़ मिलाकर सेवन करने से कैसा भी बुखार हो ठीक हो जाता है।

तुलसी को इलायची पाउडर के साथ पानी मे उबालकर काढ़ा बनाकर पीने से शरीर चुस्ती एवं उर्जा बढ़ती है।

TULSI के बीज गरम दूध के साथ लेने से सेक्स पावर बढ़ती है।

एवं धात एवं सुक्राणु जैसे समस्याएं दूर हो जाती हैं।

तुलसी के इतने औषधि एवं धार्मिक गुण है।

इसलिए तो कहतें हैं तुलसी संजीवनी बूटी से कम नहीं है।

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तुलसी के धार्मिक महत्त्व

ऐसा कोई मंगल कार्य और पूजा नही जहाँ तुलसी का उपयोग नही होता हो।

व्यक्ति के जन्म से लेकर अंतिम संस्कार तक तुलसी की जरूरत होती है।

जब बच्चा जन्म लेता है तो सबसे पहले तुलसी के पत्ते से बच्चे को दूध चटाते हैं।

और जब किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तब उसके मुख में तुलसी के पत्ते रखने की परंपरा भी हिन्दू संस्कृति में सदियों से है।

तभी तो हमारे बुजुर्गों ने तुलसी को पूजनीय एवं माता उपाधि प्रदान की है।

पेड़ लगाओ जीवन बचाओ,तुलसी लगाओ निरोगी काया एवं लम्बी उम्र पाओ,संस्कृति के साथ सृष्टि बचाओ।

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