भुवनेश्वरी माँ दस महाविद्याओं में से एक हैं।

0
77
भुवनेश्वरी
भुवनेश्वरी

आदिशक्ति माँ भुवनेश्वरी

 

माँ भुवनेश्वरी को आदिशक्ति और मूल प्रकृति भी कहा गया है।
भुवनेश्वरी देवी दस महाविद्याओं में से एक हैं।

दस महा विद्या

1. काली
2. तारा
3. त्रिपुरसुंदरी
4. भुवनेश्वरी
5. छिन्नमस्ता
6. त्रिपुरभैरवी
7. धूमावती
8. बगलामुखी
9. मातंगी
10. कमला।

Bhuvaneswari
Bhuvaneswari

माता शाकम्बरी देवी

माँ भुवनेश्वरी देवी शताक्षी और शाकम्भरी नाम से भी प्रसिद्ध हैं।
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के पास बेहठ से आगे माता शाकम्बरी देवी फ़ेमस मन्दिर है।

आदि शक्ति माँ का स्वरूप सौम्य एवं अंग कांति अरुण हैं।
भक्तों को अभय एवं सिद्धियां प्रदान करना इनका स्वभाविक गुण है।

इस महाविद्या की आराधना से सूर्य के समान तेज और ऊर्जा प्रकट होने लगती है।
इनके साधक अच्छे राजनीतिक पद पर आसीन हो सकते हैं।

 

साक्षात दर्शन भी सम्भव हैं

Bhuvaneswari yantra
Bhuvaneswari yantra

माँ भुवनेश्वरी नित्य पूजा करने से उनके साक्षात दर्शन भी सम्भव हैं।
हिन्दू ग्रंथों के अनुसार देव अथवा देवी की प्रतिमा से अधिक उनके यंत्र फलदायी होते हैं।

इसलिए यंत्र घर मे लगाना चाहिए क्योंकि यंत्र में उनका साक्षात रूप विद्यमान होता है।
यंत्र को तंत्र का शरीर माना जाता हैं एवं मन्त्रों को तंत्र की आत्मा।

यंत्र, मंत्र और तंत्र इन तीनों का एक साथ प्रयोग करने से बड़ी से बड़ी समस्याओं को दूर किया जा सकता है।
इन तीनों में एक अदभुत शक्ति विद्यमान होती है।

आप इन पेंटिंग्स को अपने घर में स्थापित करके प्रत्येक दिन दर्शन मात्र से अपने सभी कष्ट दूर कर सकते हैं।
यंत्रों में दिव्य अलौकिक शक्तियाँ विद्यमान होती हैं। घर, कार्यस्थल, देवालय एवं बच्चों के कमरे में रख सकते हैं।

Bhuvaneshvari Mahavidya
Bhuvaneshvari Mahavidya

भुवनेश्वरी माता का मंत्र

माता भुवनेश्वरी यंत्र के दर्शन मात्र जीवन के समस्त कष्ट दूर कर देते।
किन्तु फिर भी आप अपनी श्रद्धा अनुसार मंत्र का जप कर सकते हैं।

ह्नीं भुवनेश्वरीयै ह्नीं नम:

स्फटिक की माला से ग्यारह माला प्रतिदिन मंत्र का जाप कर सकते हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here