Chausath Yogini Mandir

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Chausath Yogini Mandir
Chausath Yogini Mandir

Chausath Yogini Mandir प्राचीन तांत्रिक विश्विद्यालय

भारत में 4 योगिनी मंदिर हैं 2 उड़ीसा में और 2 मध्यप्रदेश में हैं।
इनमें सबसे प्राचीन एवं मुख्य मंदिर मुरैना का Chausath Yogini Mandir है।
यह Chausath Yogini Mandir ग्वालियर से 40 किमी. दूर मुरैना जिले में मितावली ग्राम में है।
प्राचीन काल में इस मंदिर को तांत्रिक विश्वविद्यालय भी कहा जाता था।
आज इस मंदिर को इकंतेश्वर महादेव मंदिर भी कहतें हैं।

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मंदिर का निर्माण

Chausath Yogini Mandir का निर्माण 9 वीं सदी में परिहार प्रतिहार राजवंश के 10 वें राजा सम्राट देवपाल प्रतिहार परिहार ने करवाया था।
यह मंदिर गोलाकार बना हुआ है। इस मंदिर के मध्य में जिसे गर्भ गृह भी कहतें हैं। वह 101 खम्बों से बना हुआ यह मंदिर जिसमें 1 मुख्य शिवलिंग स्थापित हैं।
उसके चारों ओर 64 कमरों का समूह है।

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जिसमें एक एक शिवलिंग स्थापित है।

पहले प्रत्येक कमरे में शिवलिंग के साथ एक एक 64 योगिनीयों की मूर्ति भी विराजमान थी।
किन्तु सुरक्षा व्यवस्था की वजहों से यह मूर्तियां दिल्ली के संग्रहालय में सुरक्षित रखीं गईं हैं।
हालांकि कुछ लोगों का यह भी मानना है कि ब्रिटिश वास्तुविद सर एडविन लुटियंस का बनाया गया भारत का संसद भवन भी इसी Chausath Yogini Mandir की आकृति से प्रेरित है।
हूबहू संसद भवन इस मंदिर की तरह ही दिखता है।
किन्तु इस मंदिर की किसी को भी कोई चिंता नहीं है ना राज्य सरकार और ना ही भारत सरकार इस ऐतिहासिक धरोहर की परवाह करती है।
किन्तु फिर भी यह मंदिर आज भी मज़बूती के साथ खड़ा हुआ है।
और बताता है कि भारत के सनातन धर्म के इंजीनियर कितने उच्च श्रेणी के रहें होंगे।

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देश विदेश से टूरिस्ट्स

इस मंदिर में प्रतिदिन हजारों की संख्या में पर्यटक आते हैं।
यहाँ आपको भरतीय नागरिकों के साथ विदेशी पर्यटक भी देवी की साधना करते हुए मिल जायेंगे।
तांत्रिकों के लिए तो यह स्थान विशेष महत्व रखता है।
इसीलिए शायद प्राचीन भारत में इसे रहस्यमयी तांत्रिक विश्वविद्यालय कहते थे।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने इस मंदिर को प्राचीन ऐतिहासिक स्मारक घोषित किया है।

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योगिनियों के नाम  :-

1.बहुरूप,
3.तारा,
3.नर्मदा,
4.यमुना,
5.शांति,
6.वारुणी,
7.क्षेमंकरी,
8.ऐन्द्री,
9.वाराही,
10.रणवीरा,
11.वानर-मुखी,
12.वैष्णवी,
13.कालरात्रि,
14.वैद्यरूपा,
15.चर्चिका,
16.बेतली,
17.छिन्नमस्तिका,
18.वृषवाहन,
19.ज्वाला कामिनी,
20.घटवार,
21.कराकाली,
22.सरस्वती,
23.बिरूपा,
24.कौवेरी,
25.भलुका,
26.नारसिंही,
27.बिरजा,
28.विकतांना,
29.महालक्ष्मी,
30.कौमारी,
31.महामाया,
32.रति,

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33.करकरी,
34.सर्पश्या,
35.यक्षिणी,
36.विनायकी,
37.विंध्यवासिनी,
38. वीर कुमारी,
39. माहेश्वरी,
40.अम्बिका,
41.कामिनी,
42.घटाबरी,
43.स्तुती,
44.काली,
45.उमा,
46.नारायणी,
47.समुद्र,
48.ब्रह्मिनी,
49.ज्वाला मुखी,
50.आग्नेयी,
51.अदिति,
52.चन्द्रकान्ति,
53.वायुवेगा,
54.चामुण्डा,
55.मूरति,
56.गंगा,
57.धूमावती,
58.गांधार,
59.सर्व मंगला,
60.अजिता,
61.सूर्यपुत्री,
62.वायु वीणा,
63.अघोर और
64. भद्रकाली।

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